ચારણત્વ

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મંગળવાર, 20 ડિસેમ્બર, 2016

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , रापर , कच्छ

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , राधनपुर

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , बावळा अमदावाद

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , मांडवी कच्छ

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , नरोडा , अमदावाद

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , सुरत

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , मुंबई

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका, अंजार कच्छ

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका , ढोकळवा

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका टोकरा . ता , वडाली

सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका ,जामखंभाळीया

सुरज कराडी , सोनलबीज आमंत्रण पत्रीका

मने बोलावे छे : रचना :- कवि श्री जय (जयेशदान गढवी )

*मने बोलावे छे, शिखर हिमालय ना, गिरनार नी याद आवे छे*

* मने बोलावे छे, शिखर हिमालय ना, गिरनार नी याद आवे छे।
गुफाओ अने कंदराओ गुंजवतो, को'क गेबी साद आवे छे।

* झोली, कमंडल, दंड, माला, गहेरी भीतर शांति। 
ऊंडाण मा शोधता अवशेष, मञी एकाद आवे छे।

* दोमदोम साह्यबी ने वधु अभरखां भोग ना।
जिजीविषाओ थी त्रस्त, त्रूप्ति नी फरियाद आवे छे।

* "साधो तो चलता भला", झंखे विचरण आत्मा।
जडेली बेडीओ लोकेषणा नी, मर्याद आवे छे।

* बंध आंखे पडे द्रष्टि ऐ केडिओ पगडंडियो पर।
आदेश आदेश नो अविरत, क्यांक निरव नाद आवे छे।

* घट भीतर गुंजी रह्यो छे, *जय* भगवो आत्मा।
कविता रूहे अबोट अहर्निश, आशीर्वाद आवे छे।
* * * * * * * * * * * * * * * * * * *
कवि: *जय*।
- जयेशदान गढवी।

सोनल बीज : रचना :- कवि श्री प्रभूदानजी सुरु भावनगर

.                        *सोनल बीज*

*कविश्री प्रभूदान सुरु नी एेक रचना .*

रटीएे सोनल नाम , करएे उजवल काम .....रटी

जनमो जनमनी पूंजी अमारी , सोनल बीज सुखधाम ,
बार राशीमा उत्तम अमने , पोष मास एेक नाम ,
रटीएे सोनल नाम , करएे उजवल काम.....

गाओ नित गुण श्रध्धा राखी , प्रात बपोर ने शाम ,
सोनल सोनल साद रुपाळो , गजवो गामे गाम ,
रटीएे सोनल नाम , करएे उजवल काम.....

सोनलने नित हरदम वहालुं , मढडा रुडु धाम ,
दर्शनथी दु:ख हळवा थाशे , सुधरे आतम राम ,
रटीएे सोनल नाम , करएे उजवल काम.....

चारणनो दिनमान सवायो , लेता सोनल नाम ,
हाम ठाम ने किरत साथे , देशे सोनल दाम ,
रटीएे सोनल नाम , करएे उजवल काम.....

रचना :-  कवि श्री प्रभूदानजी सुरु भावनगर
             Mo 98988 69960

सोनलमां भाव गीत : रचना :- गढवी भाया

आवो उजवीये व्यशन मुकत
          सोनल बीज

सोनल मानु  भाव गीत
;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;
राग:खोडीयार छे जोगमाया
  

मढडे प्रगडी माडी रे
    दयाळी सोनल
  मढडे प्रगडी माडी

चारण हमीरने आगणे
     जन्मया(2)
मोड कुळ रे उजाळी रे
    दयाळी सोनल
    मढडे प्रगडी माडी

पोष सुद बीज आवी
   अजवाळी (2)
हरखनी चडी छे हेली रे
     दयाळी सोनल
        मढडे प्रगडी माडी

दशॅन करता मात
   सोनल ना(2)
मुति जुवो ने प्रेमाळी रे
    दयाळी सोनल
     मढडे प्रगडी माडी

कुरीवाजो ने छोडो
   अंधक्षद्धा (2)
समजाववा बाळने आवी रे
    दयाळी सोनल
      मढडे प्रगडी माडी

भायो कहे जेणे आदेश
       पाळिया (2)
लीली रही ऐनी वाडी रे
    दयाळी सोनल
     मढडे प्रगडी माडी

रचना;गढवी भाया
8347616420

आई श्री सोनल युवक मंडळ पालनपुर द्वारा सन्मान समारोह तेमज स्नेह मिलन

.                   जय माताजी.

गुजरात अने राजस्थान मां आपडा चारण - गढवी समाजना विद्यार्थीओ  के जेमने जान्युआरी - 2016 बाद सरकारी नोकरी सीलेक्ट थया होय अथवा तो कोई विशेष उप्लब्धी मेळवी होय तो आपनुं गांम , नोकरी तथा उप्लब्धी नुं प्रकार , फोन नंबर , लखी ने *आई श्री सोनल युवक मंडळ बनासकांठा* ने पोस्ट द्वारा मोकलवा विनंती छे.

*पोस्ट मोकलवानुं सरनामुं :-*
जे.डी.गढवी कर्णावती सोपींग सेन्टर , ब्रह्माणी रेस्टोरंट नी उपर ,
अमदावाद - पालनपुर हाईवे ,

संपर्क :- 94267 04475
         :- 99797 44788
         :- 97238 15467
         :- 99839 21903
         :- 80039 93029
         :- 94270 64540

पोस्ट मोकलवानी छेल्ली तारीख :- 31//12//2016
तेमज ता.8//1//1017 ना रोज पालनपुरमां स्नेह मिलन नुं आयोजन राखेल छे.
तो पोस्ट मोकलनारे ते दरमियान हाजर रहेवुं फरजियात छे.

*नोंध :-*
WhatsApp अथवा Email पर मोकलेल  आई डीटेल  मान्य गणाशे नहिं
माहिती आपवा बदल भाई श्री जे.डी.गढवी नो नो  खूब खूब आभार

સોમવાર, 19 ડિસેમ્બર, 2016

मुंबई मा चारण समाज द्वारा योजायेल क्रिकेट मेचनी माहिती

🙏क्रिकेट के महासंग्राम का समापन  🙏
                      करणी कप 2016
                            सीजन 2
                    चारण समाज मुम्बई
                              द्वारा
स्व. श्री कैलाश दान जी सुंगा CI साहब की स्मृति में  17 व  18 दिसम्बर को मुम्बई में बड़े भव्य रूप से आयोजित  हुआ । टोटल 7 टीमो ने हिस्सा लिया ।
1. केशरिया सरदार
2.थार इलेवन
3. गोल्डन फाइटर
4. सोनल शक्ति
5. तेमड़ाराय फाइटर
6. शगत लूँग क्रिकेट क्लब मुम्बई
7. प्रिंस ब्रिगेड़

मैच समरी
1. केशरिया सरदार V थार इलेवन
( थार इलेवन विजय )
2. प्रिंस बिर्गेड V गोल्डन फाइटर
( प्रिंस ब्रिगेड़ विजय )
3 सोनल शक्ति V तेमड़ाराय फाइटर
( सोनल शक्ति विजय )
4 . शगत लूँग कॉलीफाइड फॉर सेमीफाइनल
पहला सेमीफाइनल
शगत लूँग क्रिकेट क्लब V थार इलेवन
( थार इलेवन विजय )
दूसरा सेमीफाइनल
प्रिंस ब्रिगेड़ V सोनल शक्ति
( प्रिंस ब्रिगेड़ विजय )

3rd पॉजिसन मैच
शगत लूँग क्लब V सोनल शक्ति
( शगत लूँग क्लब विजय )
फाइनल
थार इलेवन V प्रिंस ब्रिगेड़
( प्रिंस ब्रिगेड़ विजय )

पूर्ण आयोजन रैंक
1. प्रिंस ब्रिगेड़
2. थार इलेवन
3. शगत लूँग क्रिकेट क्लब मुम्बई

खिलाड़ियो रैंक
मैन ऑफ द सीजन
राजेश गढवी ( थार इलेवन)
बेस्ट बैट्समैन
राजेश गढवी ( थार इलेवन )
बेस्ट बॉलर
दिलीप दान पुनावास ( शगत लूँग क्रिकेट क्लब मुम्बई )
बेस्ट फील्डर
जेठूसिंह बाघुंडी  ( प्रिंस ब्रिगेड़ )

और इस प्रकार विजय होते हुए प्रिंस ब्रिगेड़ ने ट्रॉफी को अपने नाम किया । चारण समाज कमिटी मुम्बई के अथक प्रयासो से यह आयोजन सफल हुआ । और प्रिंस ब्रिगेड़ के कैप्टेन करण नांदिया (प्रिंस) स्पॉन्सर छैल दान जी पाडावी , टीम कोच छेल दान जी हरमू, टीम मैनेजमेन्ट  करणी V चारण गूँगा, की दिन रात की मेहनत रंग लाई और इस महामुकाबले में विजय घोष किया । प्रिंस ब्रिगेड़ के जेठू सिंह बाघुंडी , अनोप दान आलमसर , राणी दान आलमसर , हिंगलाज आलमसर  रूपेश काछेला, एवं समस्त खिलाड़ियो  के शानदार प्रदर्शन ने सभी दर्शको का मन मोह लिया । एक तरफ थार इलेवन के राजेश गढवी के छक्कों की बोशार ने तो दूसरी तरफ शगत लूँग क्रिकेट क्लब के  दिलीप दान पुनवास के द्वारा विकेटो की झड़ी की बदौलत दर्शकों की तालियों से मैदान गूंजता रहा । पधारे हुए मेहमान सुल्तान सिंह जी देवल चारणाचार पत्रिका , नरपत सिंह जी आशिया अध्यक्ष शगत लूँग माँ ट्रस्ट वलदरा, डूंगर सिंह जी आशिया कोषाध्यक्ष शगत लूँग माँ ट्रस्ट वलदरा , वालजी भाई गढवी अध्यक्ष गढवी समाज मुम्बई एवं मुम्बई में रह रहे सभी गण मान्य समाज बंधुओ ने 2 दिन की उपस्तिति देकर सभी खिलाड़ियो का हौसला बनाये रखा ।

पू.आई श्री सोनल मां ना प्रवचनो

जय माताजी
*पोष सूद -2 ऐटले सोनल बीज (31-12-2016) नजीक आवे छे ऐ निमिते हवे दररोज पू.आई श्री सोनल मां ना मुखे जे प्रवचनो थयेल तेमना केटलाक अंशो आप बधा समक्ष मुकववानो नानकड़ो प्रयास करेल छे*

चारणो बीजाओनां दु:खे दुखाता, ऐवा तपस्वी हता. आपणी नानकड़ी नात तेमां वाडाना भेद अने उंचा नीचानी वातो...... ऐ बधूं जूनी पुराणी रूढ़िओने लीधे थई गयुं छे खरी रीते कोई ऊंचु नीचुं नथी. *चारण ऐक धारण* छे अने आपणी स्थिति नबळी छे ते आपणे पुरुषार्थ करीने सुधारीऐ. सुधारानुं पहेलुं पगथियुं ते उंचा विचार छे. विचार ऐ बधानुं बीज छे. आपणे उंचा विचारोना बीज वाववा. ऐमांथी महान वृक्षो थशे. नानकड़ा बीज मां मोटो वडलो पड्यो होय छे, तेम शुभ विचारना नाना बीज मां उन्नतिनुं वृक्ष होय छे. माटे सौथी पहेला शुभ विचारनां शुभ विधाना बीज वावो. बाळकोने भणावो. चारण मांगवाने रवाडे चडयो, तेथी माणसाई गई, साच गयुं अने टेक गई, लुखो रोटलो खावो पण मांगवुं नहिं, ऐ चारणोऐ द्रढ करवुं. संपत्ति वधारवी होय, जीवन उंचा बनाववां होय, तो जीवनमां पवित्रता राखजो, आचार पाळजो, पुरुषार्थ करजो अने संप राखजो भाईओ बहेनोने मारी भलामण छे.
             -  पू.आई श्री सोनल मां
संदर्भ ::- सोनल संजीवनी मांथी
(पोस्ट तारीख ::- 19-12-2016)
         *वंदे सोनल मातरम्*

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